सैटेलाइट (Satellite) क्या है? और ये कैसे काम करता है?

आप लोगो के मन ये सवाल अक्सर आती होगी कि सैटेलाइट (Satellite) क्या है? और ये कैसे काम करता है? कई लोग तो यह भी सोचते होंगे कि ये आसमान में कैसे टिका है ? तो इन सवालों का जबाब हम इस लेख में देने वाले है ! सैटेलाइट का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में बहुत ही महत्त्व है ! सैटेलाइट के माध्यम से ही हम लोग अपने कंप्यूटर या मोबाईल फ़ोन पर देश विदेश के बारे में जानकारी; खबर आदि प्राप्त करते हैं ! सैटेलाइट हमारे देश के सुरक्षा लिए आवश्यक है सैटेलाइट ही हमारे देश पर नजर रखता है और हमारे देश पर ही नहीं बल्कि पुरे पृथ्वी (Earth) पर नजर रखता है !

सैटेलाइट के वजह से ही हमारा Navigation होना संभव है ! अगर हम लोग अपने फ़ोन में Google Map के सहायता से रास्ता ढूंढते हैं; तो ये सैटेलाइट से ही संभव हो पाता है ! हम अपने घरो में जो डिश से कनेक्ट करके टेलीविज़न को प्रयोग करते है ! और फ़ोन से हम एक जगह से दुसरे जगह जो बात-चित करते है वो सभी चीजे सैटेलाइट के वजह से ही होता है ! इसके अलावा हम सैटेलाइट कि मदद से मौसम का हाल जान सकते है; तो चलिए आज हम लोग इस पोस्ट में सैटेलाइट के बारे में जानते हैं !

सैटेलाइट (Satellite) क्या है?

सैटेलाइट (Satellite) को हिंदी में उपग्रह कहते है! अगर आपने फोटो में या टेलीविज़न में सैटेलाइट देखा होगा तो सैटेलाइट के दोनों ओर पंख जैसा जो पैनल दिखाई देता है; वो सोलर पैनल रहता है जिससे सैटेलाइट को उर्जा मिलती रहती है ! जिससे यह कार्य करता है और कंट्रोल हो पाता है !

सैटेलाइट का काम ग्रह या पिंड के चारो ओर चक्कर लगाना होता है ! जिसे उपग्रह कहते है जैसे – पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह चन्द्रमा है ! ये भी पृथ्वी (Earth) के चारो ओर चक्कर लगता है इस लिए ये भी एक उपग्रह (Satellite) है! सैटेलाइट को उपयोग अन्य ग्रहों पर नजर रखने के लिया किया जाता है ! जिससे हमें पहले ही  पता चल जाये कि अंतरिक्ष में क्या घटना घटित होने वाला है और क्या नहीं जिससे हम सावधान हो सके और बच सके ! और इससे यह भी देखा जाता है कि अन्य ग्रह किस पोजीसन पर है ! और हम पहले से सावधान रहे !

कुल मिलाकर आप यह जान लीजिये कि सैटेलाइट का उपयोग पुरे ब्रह्माण्ड को जानने के लिए करते है ! पृथ्वी पर नजर रखने के लिए करते है; सैटलाइट के वजह से ही आप पुरे पृथ्वी का फोटो देख पाते है ! जैसे – किताबो में और अन्य जगह पर देखे होंगे ! अब आप इसके बारे में अच्छे से जान गए होंगे कि सैटेलाइट (Satellite) क्या है?

प्राकृतिक और कृत्रिम उपग्रह क्या है?

आप लोग इतना तो जानते हीं होंगे कि पृथ्वी का उपग्रह चन्द्रमा है; तो चन्द्रमा एक प्राकृतिक उपग्रह है क्योंकि यह मनुष्यों द्वारा नहीं बनाया गया है यह प्रकृत-प्रदत्त है !

मनुष्यों द्वारा बनाया गये उपग्रह को कृत्रिम उपग्रह कहते हैं ! कृत्रिम उपग्रह को कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन प्राकृतिक उपग्रह को कंट्रोल नहीं किया जा सकता है ! मनुष्यों द्वारा बनाया गया पहला उपग्रह यानि कृत्रिम उपग्रह सपत्निक 1 है आप इसके बारे में आगे डिटेल से जानेगे !

दुनिया का पहला कृत्रिम उपग्रह (satellite) कब और किस देश ने लांच किया था !

दोस्तों दुनिया का सबसे पहला कृत्रिम उपग्रह(satellite) रशिया द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था जो स्पत्निक 1 ,जो 4 अक्टूबर 1957 में रशिया ने भेजा था ! तब से लेकर आज तक अलग-अलग देशो से लगभग अंतरिक्ष में हजारो सैटेलाइट भेजे जा चुके है ! लेकिन सबसे पुराना सैटेलाइट अब काम करना बंद कर दिया है किन्तु वह सैटेलाइट अभी भी आर्बिट में है माने तो अंतरिक्ष में सैटेलाइट का साइज़ 4 इंच के क्यूब से लेकर 6 टन कि छोटी स्कूल  बस जैसी किसी भी तरह कि हो सकती है ! सैटेलाइट का वजन भी कई टन से लेकर चंद किलोग्राम तक हो सकता है !

भारत का पहला उपग्रह (INDIA’S First Satellite) कौन-सा है?

दोस्तों आपके मन में ये सवाल भी आ रहा होगा कि भारत का पहले कृत्रिम उपग्रह का नाम क्या था? और यह अन्तरिक्ष में कब भेजा गया? तो भारत के पहले सैटेलाइट यानि कृत्रिम उपग्रह का नाम आर्यभट्ट था ! हाँ यह हीं भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह था जो 19 अप्रैल 1975 को भेजा गया था ! पर यह अभी यह सैटेलाइट अब काम नहीं करता है यह पृथ्वी के वातावरण के संपर्क में आते ही यह नष्ट हो गया था !

उपग्रह के प्रकार (Types of Satellite)

अपने-अपने काम के अनुसार सैटेलाइट अनेक प्रकार के होते है !

1) खगोलीय उपग्रह (Astronomical satellite)

खगोलीय उपग्रह उपयोग अपने युनिवर्ष में दूर दूर से आने वाले ग्रहो ,उल्का पिंडो का जानकारी लेने के लिए किया जाता है खगोलीय उपग्रह उपयोग अपने ब्रह्माण्ड को जानने के लिए और उनके रहस्यों को जानने के लिए किया जाता है !

2) किलर उपग्रह (Anti-Satellite Weapons)

इस उपग्रह का उपयोग हमारे अंतरिक्ष में दुश्मनों के उपग्रहों को नष्ट करने के काम में आता है अंतरिक्ष में साधारण हथियारों से दुश्मनों के उपग्रह को मार गिराया नहीं जा सकता है !

3) मौसम उपग्रह (Wearther Satellite)

इसी उपग्रह के कारण हम अपने पृथ्वी पर होने वाले मौसम से सम्बंधित जानकारी को जान सकते हैं ! जैसे -कब कहा वर्षा होने वाली है और कहा नहीं ,और कहा पर आंधी आने वाली है इन सूचनाओ को जानने के लिए मौसम उपग्रह (Wearther Satellite) का उपयोग करते है !

4) नेविगेशन उपग्रह (Navigation Satellite)

इस सैटेलाइट के कारण हमारे पृथ्वी पे पड़े किसी भी डिवाइस का निशचित स्थान को निर्धारित करता है ईस तरह से यह सैटेलाइट रेडिओ के  प्रोग्रामो को सैटेलाइट पर भेजा जाता है फिर आपका सैटेलाइट उस प्रोग्राम को रेडिओ,मोबाईल रेडिओ ,टेलीविज़न रेडिओ पर तरंगो द्वारा विस्तारित करता है जिससे आप प्रोग्राम सुन सकते  है ! आपका रेडिओ एक तरह का रिसीवर है जो उन तरंगो को स्वीकार करता हैं ! भारत में नेविगेशन करने के लिए GPS (Global Positioning System) का ईस्तेमाल किया जाता हैं !

5) संचार उपग्रह (Communication Satellite)

इस सैटेलाइट का नाम से ही पता चला है कि ये किस काम में आता है जैसा कि आप जानते है कि पृथ्वी पर जो भी काम  जैसे -मोबाईल से बात -चित करना ,टेलीविजन पर कोई भी प्रोग्राम देखना या सुनना ,इंटरनेट का उपयोग होता हैं ! इस उपग्रह के कारण होता है जो  हम अपने घरो में टेलीविजन पर प्रोग्राम को Dish या DTH द्वारा देखते है उस प्रोग्राम को Communication Satellite पर भेजा जाता है फिर आपका डिश उन प्रोग्राम को प्राप्त करता है जिसके द्वारा हम उन सभी प्रोग्रामो को देख पाते हैं !

ऊंचाई के अनुसार उपग्रह के प्रकार

Low Earth Orbit Satellite

ये सैटेलाइट पृथ्वी के कक्ष के बहुत नजदीक है जिसके कारण इस सैटेलाइट का उपयोग पृथ्वी अलग-अलग हिस्सों का इमेज लेने के काम में तथा नजदीक होने के कारण पृथ्वी को स्कैन करने के काम में आते है ! ये उपग्रह एक दिन में लगभग 5-10 चक्कर पृथ्वी के लगा लेते है ! इनकी ऊंचाई लगभग 150से 2000Km होता हैं !

Medium Earth orbit Satellite-

ये सैटेलाइट एक दिन पृथ्वी के 2 चक्कर लगाते है इस प्रकार के उपग्रह का  उपयोग नेविगेशन के लिए किया जाता है !

High Earth Orbit Satellite-

ये सैटेलाइट पृथ्वी कक्ष से लगभग 36,000 km कि ऊंचाई होता है ये सैटेलाइट पृथ्वी अधिक दुरी पर इसलिए होते है क्योकि इनकी चाल पृथ्वी के बराबर हो इसलिए कि यह उपग्रह पृथ्वी के जिस लोकेशन पर छोड़ा जाता है उसी लोकेशन पर रहते है इस उपग्रह को इंडिया के लोकेशन पर रखा गया क्योकि यह उपग्रह इंडिया पर हमेशा नजर रखता है यह उपग्रह एक दिन में पृथ्वी के 1 चक्कर लगाते है जिससे वह एक ही लोकेशन पर रहते हैं !

हमें आशा है कि सैटेलाइट (Satellite) क्या है? यह पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा; स्स्गे आपको इसमें और भी अपडेट्स मिलेंगे !

 

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