Computer Kya Hai ? पूरी जानकारी हिंदी में !

नमस्कार दोस्तों! आज हम लोग इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि Computer Kya Hai ? और  Compuetr Kitane Prakar Ka Hota Hai ? इसे कैसे चलाते हैं? और  कंप्यूटर को किसने बनाया है? कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी आपको इस पोस्ट में; तो इस पोस्ट को ध्यान से पूरा अवश्य पढ़े!

विषय-सूची
3. Computer का फुल फॉर्म क्या होता है?

बेसिक जानकारी कंप्यूटर के बारे में|

आप सभी लोग इतना तो जरुर जानते होंगे कि आज-कल लगभग बहुत से काम कंप्यूटर और इन्टरनेट के माध्यम से हो रहे है! आज-कल लगभग सभी लोग इन्टरनेट पर आश्रित हैं; हमें लगता है कि यदि आज से हम लोग कंप्यूटर या इन्टरनेट का उपयोग बंद कर दें; तो बहुत से लोग अपने आप को अकेले महसूस करने लगेंगे और कुछ लोगों का तो जीवन हीं अधुरा हो जायेगा !

आपका क्या राय है इसके ऊपर; यदि आपके जीवन से कंप्यूटर और इन्टरनेट हटा दिया जाय तो आपके ऊपर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? आप कैसा Feel करेंगे? जवाब जरुर दें कमेन्ट में पूरी ईमानदारी के साथ !

आज हम लोग जिस कंप्यूटर पर अपने दैनिक जीवन के कार्यों को पूरा कर रहे हैं. वह कई वैज्ञानिकों का कई सालों का मेहनत है!

आइये जानते है कि कंप्यूटर ने किस तरह से हमारे जीवन को बदला है और हम किस तरह से इसका इस्तेमाल करते हैं; कंप्यूटर की कितनी पीढियां होती है. तो फिर देर किस बात की चलिए शुरू करते हैं!

Computer Kya Hai ? कंप्यूटर क्या है ?

Computer kya hai?

Computer kya hai ? सरल भाषा में या परिभाषित रूप में कहा जाय तो ;-

कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या यन्त्र है या आप इसे एक मशीन भी कह सकते हैं; जो हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को पूरा करता है और हमें आउटपुट के रूप में रिजल्ट प्रदान करता है! अब आप ये तो जन गए होंगे कि Computer क्या है? आइये अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि Compuetr Kitane Prakar Ka Hota Hai ?

Computer का फुल फॉर्म क्या होता है?

वैसे बात करें तो Computer (कंप्यूटर) शब्द का तकनिकी रूप से कोई फुल फॉर्म नहीं होता है; बल्कि COMPUTER शब्द में जितने अक्षर प्रयोग किया गये हैं उनका फुल फॉर्म (पूरा नाम) होता है! जोकि नीचे लिखा गया है-

C- Commonly
O- Operating
M- Machine
P- Purpose or Process
U- User or Used
T- Technical
E- Education
R- Research

कंप्यूटर किस आधार पर कार्य करता है?

कंप्यूटर आई. पी. ओ.(IPO-Input Processing Output) के अनुसार कार्य करता है ! इसमें इनपुट करने के लिये इनपुट डिवाइस होती है! प्रोसेसिंग का कार्य सी.पी.यू. द्वारा संपन्न किया जाता है! एवं अर्थपूर्ण सूचना आउटपुट डिवाइस के रूप में प्राप्त की जाती है!

इनपुट   →   प्रोसेसिंग   →   आउटपुट

 

कंप्यूटर की उत्पत्ति एवं विकास

कंप्यूटर का इतिहास- History of Computer in Hindi.

जब हम कंप्यूटर के इतिहास के बारें में जानते हैं तो हमें पता चलता है कि शुरू में मानव जीवन के लिए गणना करना कितना कठिन रहा होगा ! उस समय लोग अच्छे से नही जानते थे कि computer Kya Hai ? समय हमें एक ऐसे यन्त्र की आवश्यकता थी जिससे हम गणितीय गणनाओं को आसानी से कर लें! उसके पश्चात् किन-किन यंत्रों का अविष्कार हुआ आइये आगे जानते हैं!

1. अबेकस (Abacus)-

प्राचीन समय में आंकिक गणना करने के लिए यानि जोड़, घटाना, गुणा तथा भाग आदि करने के लिए अबेकस का उपयोग किया जाता था ! इसमे तारों (Wires) में गोलाकार मोती पिरोकर उसे एक फ्रेम में कसा जाता है ! गणना इन मोतियों द्वारा हीं की जाती है ! इसका अविष्कार प्राचीन बेबीलोन में हुआ था !

2.  पास्कल कैलकुलेटर (Pascal Calculator) या पास्कलाइन (Pascaline)-

प्रथम गणना मशीन (Mechanical Calculator) का निर्माण सन् 1642 में फ्रांस के गणितज्ञ ब्लेज पास्कल (Blaise Pascal) ने किया था ! उस कैलकुलेटर में इन्टर-लॉकिंग गियर्स (Interlocking gears) का उपयोग किया गया था; जो 0 से 9 संख्या को दर्शाता था! वह केवल जोड़ या घटाव करने में सक्षम था ! अतः इसे ऐडिंग मशीन (Adding Machine) भी कहा गया !

3.  डिफरेंस इंजन और एनालिटिकल इंजन (Difference Engine and Analytical Engine)-

Ø  लेडी एडा आगस्टा (Lady Ada Augusta) ने एनालिटिकल इंजन में पहला प्रोग्राम डाला | अतः इन्हें दुनिया का प्रथम प्रोगामर (Programmer) भी कहा जाता है | दो अंकों की संख्या प्रणाली बाइनरी प्रणाली (Binary System) के अविष्कार का श्रेय भी इन्हें हीं जाता है |

ब्रिटिश गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) ने सन् 1822 में डिफरेंस इंजन का अविष्कार किया जो भाप से चलता था तथा गणनाएं कर सकता था ! सन् 1842 में चार्ल्स बैबेज ने एक स्वचालित मशीन एनालिटिकल इंजन बनाया जो पंचकार्ड पर दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करती थी तथा मूलभूत अंकगणितीय गणनाएं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) कर सकती थी !

4. सेंस टेबुलेटर (Census Tabulator)-

अमेरिका के वैज्ञानिक हर्मन होलेरिथ (Herman Hollerith) ने सन् 1890 में विद्युत चालित यन्त्र का अविष्कार किया जिसका प्रयोग अमेरिकी जनगणना में किया गया ! इन्हें पंचकार्ड (Punch Card) अविष्कार का श्रेय भी दिया जाता है!

5.  एबीसी (ABC- Atanasoff-Berry Computer)-

जॉन एटनासॉफ और क्लिफोर्ड बेरी नामक वैज्ञानिकों ने मिलकर 1939 में संसार का पहला ‘इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर’ (Electronic Digital Computer) विकसित किया; जिसे (ABC) का नाम दिया गया!

6.  मार्क-I (Marc-I)-

आईबीएम (IBM) नामक कम्पनी के सहयोग तथा वैज्ञानिक हावर्ड आइकेन (Haward Aikan) के निर्देशन में सन् 1937 से 1944 के बीच विश्व के प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत् यान्त्रिक (Electro-Mechanical) गणना यन्त्र का अविष्कार किया गया ! इसे मार्क-I नाम दिया गया !

7.  एनिएक (ENIAC-Electronic Numerical Integrator and Calculator)-

अमेरिकी वैज्ञानिक जे.पी. एकर्ट (J.P. Eckert) तथा जॉन मुचली (John Mauchly) ने सन् 1946 में सामान्य कार्यों के लिए प्रथम पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक (First Fully Electronic) कंप्यूटर का अविष्कार किया जिसे एनिएक नाम दिया गया !

8.  यूनिवैक (UNIVAC-Universal Automatic Computer)-

यह प्रथम कम्पुटर था जिसका उपयोग व्यापारिक और अन्य सामान्य कार्यों के लिए किया गया ! प्रथम व्यापारिक कंप्यूटर यूनिवैक-I (UNIVAC-I) का निर्माण सन् 1954 में जीईसी (GEC-General Electric) ने किया !

9.  माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor)-

1970 में इंटेल कम्पनी द्वारा माइक्रो प्रोसेसर ‘इंटेल 4004’ के निर्माण ने कंप्यूटर क्षेत्र में क्रान्ति ला दी! इसके बाद इससे छोटे आकार के कंप्यूटर का निर्माण सम्भव हुआ; जिन्हें माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer) कहा गया !

कंप्यूटर की पीढ़ियाँ- Generations of Computer in Hindi.

आइये दोस्तों अब जानते है कंप्यूटर के विकास के बारे में कि Computer Kya Hai ? और  किस तरह से कंप्यूटर का विकास हुआ और उसकी कितनी पीढियां (Generations) है ! कंप्यूटर को पांच पीढियों (5 Generations of Computer) में क्लासीफाइ किया गया है !

  1. पहली पीढ़ी (First Generation)-

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) का प्रयोग किया गया ! ये आकर में बहुत बड़े (Bulky) होते थे और ये बहुत हीं अधिक ऊर्जा खपत करने वाले उपकरण थे ! इस उपकरण में मशीनी भाषा (0 और 1) का उपयोग किया गया ! इसके भण्डारण के लिए पंचकार्ड का प्रयोग किया गया था ! यह कंप्यूटर बहुत हीं भारी मशीन के समान था जिसे चलाने के लिए बहुत हीं अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती थी ! एनिएक (ENIAC), युनिवैक (UNIVAC) तथा आइबीएम (IBM) के मार्क-I इसके उदहारण हैं !

  1. दूसरी पीढ़ी (Second Generation)-

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया जो बहुत हल्के, छोटे और कम विद्युत् खपत वाले थे ! इस पीढ़ी के कंप्यूटर पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में तेज गति से कार्य करने वाले थे और गलतियाँ बहुत कम करते थें ! इसमे भण्डारण के लिए पंचकार्ड की जगह चुम्बकीय भण्डारण उपकरणों (Magnetic Storage Devices) का प्रयोग किया गया; जिससे इसके भण्डारण क्षमता और कार्य करने की गति में वृद्धि हुई ! इस पीढ़ी में व्यवसाय तथा उद्योग में कंप्यूटर का प्रयोग आरम्भ हुआ ! इसके अलावा इस पीढ़ी में बैच ऑपरेटिंग सिस्टम (Batch Operating System) का आरम्भ किया गया !

  1. तीसरी पीढ़ी (Third Generation)-

इस पीढ़ी के कम्पुटर में ट्रांजिस्टर की जगह आईसी-इंटीग्रेटेड सर्किट (IC-Integrated Circuit) का प्रयोग शुरू हुआ ! इस आईसी पर कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे- ट्रांजिस्टर; प्रतिरोधक और संधारित्र एक छोटे चिप पर बने होते थे ! इस पीढ़ी के कंप्यूटर बहुत हीं हल्के; कम खर्चीले और बहुत हीं तेज गति से कार्य करने वाले थे ! इस पीढ़ी के कंप्यूटर में स्टोरेज के लिए रैम-रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM-Random Access Memory) का प्रयोग किया जाने लगा जिससे इसकी स्पीड और तेज हो गई !

कंप्यूटर की इस पीढ़ी में उच्च स्तरीय भाषा में पीएल-1 (PL-1); पास्कल (PASCAL) तथा बेसिक (BASIC) का विकास हुआ ! और इस पीढ़ी में टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Time Sharing Operating System) का विकास हुआ ! तथा हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की अलग-अलग बिक्री प्रारम्भ हो गई; जिसे उद्योग्कर्ता अपने आवश्यकता अनुसार ले सकता था !

  1. चौथी पीढ़ी (Fourth Generation)-

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर को पर्सनल कंप्यूटर और डेस्कटॉप कंप्यूटर भी कहते हैं ! इस पीढ़ी में एलएसआई  (LSI-Large Scale Integration) तथा वीएलएसआई (VSLI-Very laege Scale Integration) चिप तथा माइक्रो प्रोसेसर के विकास से कंप्यूटर के आकार में कमी आई तथा कार्य करने की क्षमता में वृद्धि हुई ! इसमे रैम की क्षमता में वृद्धि हुई और कार्य अत्यन्त तीव्र हो गया ! तथा उच्च गति वाले कंप्यूटर नेटवर्क जैसे- लैन (LAN) व वैन (VAN) का विकास हुआ ! और सबसे खास बात कि इस पीढ़ी में सॉफ्टवेयर में ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI-Graphical User Interface) के विकास ने कंप्यूटर के उपयोग को बहुत हीं सरल बना दिया !

इस पीढ़ी में समान्तर कंप्यूटिंग (Parallel Computing) तथा मल्टीमीडिया (Multimedia) का प्रचलन प्रारम्भ हुआ और ऑपरेटिंग सिस्टम में एमएस-डॉस (MS-DOS); माइक्रो-सॉफ्ट विंडोज (Micro-Soft Windows) तथा एप्पल ऑपरेटिंग सिस्टम (Apple-OS) या iOS ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास हुआ ! उच्च स्तरीय भाषा में ‘C’ भाषा का विकास हुआ; जिससे प्रोग्रामिंग सरल हो गई !

  1. पाँचवी पीढ़ी (Fifth Generation)-

इस पीढ़ी के कंप्यूटर को आधुनिक पीढ़ी का कंप्यूटर भी कहते हैं! इस पीढ़ी में यूएलएसआई (ULSI-Ultra Large Scale Integration) तकनिकी का विकास हुआ; और इसके विकास से करोड़ो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चिप पर लगाया जा सका ! ऑप्टिकल डिस्क (Optical Disk) जैसी सीडी ने भण्डारण क्षेत्र में क्रान्ति ला दी ! नेटवर्किंग के क्षेत्र में इन्टरनेट (Internet); ई-मेल (E-Mail) तथा डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू (WWW-World Wide Web) का विकास हुआ !

इसी पीढ़ी में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) तथा सूचना राजमार्ग (Information Highway) की अवधारणा का विकास हुआ ! मैग्नेटिक बबल मेमोरी (Magnetic Bubble Memory) के प्रयोग से भण्डारण क्षमता में वृद्धि हुई ! चौथी पीढ़ी में पोर्टेबल पीसी (Portable PC) और डेस्क टॉप पीसी (Desktop PC) ने कंप्यूटर को जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र से जोड़ दिया !

ये सब भी पढ़ें –

कंप्यूटर सिस्टम क्या होता है?- (What is Computer System in Hindi.) या

(Compuetr Kitane Prakar Ka Hota Hai ?)

दोस्तों आइये अब जानते हैं कि कंप्यूटर सिस्टम क्या होता है? तो चलिए आगे बढ़ते हैं;- किसी कार्य को संपन्न करने के लिए कार्यरत इकाइयों का समूह जो किसी भी कार्य को क्रमवद्ध तरीके से संपन्न करे कंप्यूटर सिस्टम कहलाता है ! कंप्यूटर में भी कई इकाइयाँ होती हैं जो सम्पूर्ण कार्यों को एक पूर्व निर्धारित सिस्टम के अनुसार संपन्न करता है ! इसके कुछ भाग नीचे बहुत हीं सरल भाषा में लिखे गये हैं !

  1. कंप्यूटर हार्डवेयर (Computer Hardware)-

Computer  के ऐसे भाग जिसे स्पर्श करके या छू करके महसूस किया जा सके; कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं ! जैसे- मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, सी.पी.यू. ,प्रिंटर, स्कैनर आदि ! या संक्षेप में कहे तो कंप्यूटर के वैद्युत, यान्त्रिक व इलेक्ट्रॉनिक पार्ट कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं!

  1. कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (Computer Software)-

निर्देशों के समूह को प्रोग्राम एवं प्रोग्रामों के समूह को सॉफ्टवेयर कहते है! कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डिस्क में संग्रहित रहते हैं! इनके द्वारा कंप्यूटर में प्रोसेसिंग की क्रियाविधि निश्चित की जाती है!

  1. कंप्यूटर पर्सनल (Computer Personal)-

कंप्यूटर पर्सनल वे लोग कहलाते हैं जो कंप्यूटर पर कार्य करते हैं ! इन्हें यूजर के नाम से भी जाना जाता है ! वैसे ज्यादातर लोग यूजर हीं कहते है!

 पर्सनल कंप्यूटर क्या होता है? (What is Personal Computer in Hindi.)

पर्सनल कंप्यूटर वह होता है जिसे हम लोग आज-कल अपने कामों के लिए यूज करते है ! आगे इसके बारे में अच्छे से जानेंगे ! यदि हम परिभाषित तौर पर बात करें तो- ऐसे कंप्यूटर जिनमे माइक्रो प्रोसेसर लगे होते हैं उन कंप्यूटरों को माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है ! इन कंप्यूटरों पर एक बार में एक हीं व्यक्ति कार्य कर सकता है! इन्हें (PC) या पर्सनल कंप्यूटर के नाम से भी जाना जाता है ! अब तो आप जान जाये होंगे कि Computer क्या है? अब आगे जानेंगे कि कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है ?

पर्सनल कंप्यूटर के प्रकार (Types of PC)-

पर्सनल कंप्यूटर मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है-

  1. डेस्क टॉप पी.सी. (Desk Top P.C.)-

पर्सनल कंप्यूटर

ऐसे कंप्यूटर जिनका उपयोग डेस्क के ऊपर रख कर किया जाता है! डेस्क टॉप पी.सी. या डेस्क टॉप कंप्यूटर के नाम से जाने जाते हैं! इस प्रकार के कंप्यूटरों को हम लोग विद्यालयों में; कार्यालयों में आदि जगहों पर देख सकते हैं !

इनके द्वारा बिल बाउचर एवं डेटा एंट्री के अनेक कार्यों को सम्पादित किया जाता है !

  1. लैपटॉप पी.सी. (Laptop P.C.)-

लैपटॉप का डिमांड बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है ! इसमे माउस के जगह टच पैड का प्रयोग किया जाता है! पोर्टेबल होने के कारण इनका उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ! इसे हम आसानी से अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं ! वर्तमान समय में अत्यधिक लोग लैपटॉप हीं प्रयोग कर रहे हैं!

  1. पॉम टॉप पी.सी. (Palm Top P.C.)-

ऐसे कंप्यूटर जिनका प्रयोग हथेली पर रखकर किया जाता है; पॉम टॉप कंप्यूटर कहलाते हैं! पॉम (Palm) का अर्थ हीं हथेली होता है ! इसे टेबलेट (Tablet) के नाम से भी जाना जाता है ! इसे आसानी से शर्ट या पैंट की जेब में रखा जा सकता है! वर्तमान में इसका भी प्रचलन बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है ! जैसे- आईपैड (iPAD).

कंप्यूटर के भाग (Parts of Computer)-

कंप्यूटर के कुछ भाग भी होते है; जिनका प्रयोग अपने कंप्यूटरीकृत कार्यों को संपन्न करने के लिये किया जाता है! आइये एक-एक करके उनके बारे में जानते हैं!

(a)- की-बोर्ड (Key-Board)-

Computer keyboard

यह एक ऑनलाइन इनपुट डिवाइस है ! इसके द्वारा कंप्यूटर में टेक्स्ट एवं न्यूमेरिक डेटा प्रवेश कराये जाते हैं! यह डेटा इलेक्ट्रॉनिक संकेतों को सिस्टम यूनिट में प्रवेश कराता है ! इसमे लगभग 104 बटन होते हैं !

(b)- माउस (Mouse)-

Computer mouse

माउस एक इनपुट डिवाइस होता है ! इसमे दो बटन लेफ्ट बटन, राईट बटन और बीच में एक व्हील (Wheel-पहिया) के आकार का बटन होता है; जिसे स्क्रॉल बटन के नाम से जाना जाता है !

माउस मॉनिटर के स्क्रीन पर एक पॉइंटर को नियंत्रित करता है ! इसको माउस-पैड या समतल स्थान पर घुमाने से मॉनिटर की स्क्रीन पर पॉइंटर भी घुमता है ! माउस के बटनों को दबाने पर क्लिक की आवाज निकलती है ! इसी कारण से इसे क्लिकिंग डिवाइस या पॉइटिंग डिवाइस भी कहते हैं !

(c)- मॉनिटर (Monitor)-

Monitor

मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है ! इसकी संरचना टेलिविज़न (T.V.) के समान होती है ! इसे संक्षेप में विजुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहते हैं !

  • तकनिकी के आधार पर यह तीन प्रकार का होता है –

(1.) सी.आर.टी. (CRT-Cathode Ray Tube) कैथोड रे ट्यूब !

(2.) टी.एफ.टी. (TFT-Thin Film Trangister) थिन फिल्म ट्रांजिस्टर !

(3.) एल.सी.डी. (LCD-Liquid Crystal Display) लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले !

 

  • डिस्प्ले के आधार पर यह दो प्रकार का होता है –

(1.) श्वेत श्याम मॉनिटर (Black and White Monitor)

(2.) रंगीन मॉनिटर (Coloured Monitor)

 

(d)- प्रिंटर (Printer)-

प्रिंटर एक आउटपुट डिवाइस होता है ! जो सिस्टम यूनिट से प्राप्त सकेतों को आउटपुट के रूप में कागज पर छापता है !

(e)- स्पीकर (Speaker)-

यह एक आउटपुट डिवाइस है; जो सिस्टम यूनिट से प्राप्त ध्वनि, संगीत, आवाज आदि को सुनाने का कार्य करता है !

सी.पी.यू. क्या होता है? (What is CPU)-

CPU

सी.पी.यू. को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है ! इसका पूरा नाम सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) है ! कंप्यूटर का सारा काम इसी के ऊपर निर्भर रहता है !यह इनपुट डिवाइस के माध्यम से प्रवेश कराये गये डेटा को 0 एवं 1 के रूप में परिवर्तित करते है! प्रोसेसिंग करने के पश्चात् यह डेटा को आउटपुट यूनिट की ओर भेजता है !

हमें आशा है कि Computer Kya Hai ? Compuetr Kitane Prakar Ka Hota Hai ? पोस्ट आपको पसंद आया होगा1 आपको इसमे आगे और भी अपडेट्स मिलेंगे ! यदि इस पोस्ट से कोई शिकायत या सुझाव है तो कमेन्ट अवश्य करें !

धन्यवाद / Thanks –

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